चंद्रकेश पटेल की रिपोर्ट
ककरहवा :- इंडो बॉर्डर नेपाल में सड़क पर बहता हुआ बाढ़ का पानी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है ।।
सड़क के बीच से 03-03 फुट पानी अपने उफान से बह रही है ।
और वहीँ दूसरी तरफ ककरहवा बॉर्डर से लुम्बिनी जाने वाली सड़क ग्रेविल का कार्य संपन्न होती ही कमिया निकल कर सामने आने लगी।
ककरहवा से लुम्बिनी जाने वाली सड़क पर तेलार नदी के पुल के किनारे ढ़लाई की गयी पावा चटक गया है जो खतरे को दावत दे रही है।
अगर समय पर मरम्मत न हुआ तो भारी खतरा हो सकता है।
ककरहवा से लुम्बिनी के बीच की कोठी नदी अपने उफान से ऊपर बह रही है।
जो की NH24 वाराणसी से सीधे भगवान् गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को जोड़ती है ए सड़क ।।
जहाँ राहगीरों को हो रही भारी परेसानी, पानी खतरे के निशान पर और रोड के चटकने से हुए भयभीत ।
जहाँ क्षेत्र के जिम्मेदार लोग नजरअंदाज करने में लगे हुए है।
इंडो बॉर्डर ककरहवा से महज़ 10 किलोमीटर दुरी पर है गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी ।
ककरहवा :- इंडो बॉर्डर नेपाल में सड़क पर बहता हुआ बाढ़ का पानी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है ।।
सड़क के बीच से 03-03 फुट पानी अपने उफान से बह रही है ।
और वहीँ दूसरी तरफ ककरहवा बॉर्डर से लुम्बिनी जाने वाली सड़क ग्रेविल का कार्य संपन्न होती ही कमिया निकल कर सामने आने लगी।
ककरहवा से लुम्बिनी जाने वाली सड़क पर तेलार नदी के पुल के किनारे ढ़लाई की गयी पावा चटक गया है जो खतरे को दावत दे रही है।
अगर समय पर मरम्मत न हुआ तो भारी खतरा हो सकता है।
ककरहवा से लुम्बिनी के बीच की कोठी नदी अपने उफान से ऊपर बह रही है।
जो की NH24 वाराणसी से सीधे भगवान् गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को जोड़ती है ए सड़क ।।
जहाँ राहगीरों को हो रही भारी परेसानी, पानी खतरे के निशान पर और रोड के चटकने से हुए भयभीत ।
जहाँ क्षेत्र के जिम्मेदार लोग नजरअंदाज करने में लगे हुए है।
इंडो बॉर्डर ककरहवा से महज़ 10 किलोमीटर दुरी पर है गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी ।



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