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Saturday, July 28, 2018

एशिया के विशालतम जलाशयों में एक रिहन्द बांध में प्रतिबंध के बावजूद प्रजनन काल में मछलियों का तेजी से हो रहा है शिकार

रेणुकूट से टीम की विशेष रिपोर्ट 
 एशिया के विशालतम जलाशयों में एक रिहन्द बांध में प्रतिबंध के बावजूद प्रजनन काल में मछलियों का शिकार तेजी से हो रहा है जिलाधिकारी के सख्त आदेश के बावजूद भी प्रतिदिन कई कुंतल मछलियां मारी जा रही हैं इसके व्यापार में लगे लोग हर जगह सेटिंग करके मछलियों का शिकार कर रहे हैं रिहंद बांध के तटवर्ती इलाकों में मछलियों का शिकार तेजी से हो रहा है जबकि इस समय 1 जुलाई से 31 अगस्त तक मछलियों के मारने पर प्रतिबंध लगा हुआ है जिलाधिकारी के आदेश से मछलियों का शिकार प्रतिबंधित है इसके बावजूद प्रतिदिन कई कुंतल मछलियां मारकर बाहर भेजी जा रही हैं बीजपुर, शक्तिनगर, बीना, खड़िया, अनपरा, डिबुलगंज, म्योरपुर, गड़िया, बराईडाँड़ समेत तटवर्ती गांव में प्रतिबंध के बावजूद मछलियों का शिकार जमकर हो रहा है।
ग्रामीणों की माने तो इस वक्त बांध में पानी भरने की वजह से मछलियां किनारे आती हैं जिसका फायदा उठाकर इसके शिकारी इसका जमकर शिकार कर रहे हैं ग्रामीणों का आरोप है कि रिहंद बांध की निगरानी में लगे मत्स्य विभाग के लोग थोड़ी बहुत मछलियां पकड़ कर कोरम पूरा करते हैं जबकि इसके व्यापार में लगे वास्तविक लोगों पर हाथ नहीं डालते जिसके कारण इसके व्यापार में लगे लोगों का मन बढ़ता जा रहा है इस संबंध में  मत्स्य विभाग के प्रभारी सहायक निदेशक ओ एन भारती ने कहा कि  बांध की निगरानी लगातार की जा रही है  और मछली मारने वालों से  मछलियां लेकर नीलाम भी की जा रही हैं आदमियों की कमी से  हर तरफ निगरानी करना संभव नहीं हो पा रहा है फिर भी जितना संभव है उतना निगरानी की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रतिबंध काल में मछली का व्यापार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

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