सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट
इटवा। स्थानीय कस्बे में इन दिनों नेपाली मटर व भोला गुटका से बजार पट गया है।
कस्बे में इन दिनों दो नम्बर माफिया बहुत साक्रिय है। जो 25 कि.ग्रा. के पैकेट के बोरे भरकर दुकानो पर सप्लाई किया जा रहा है। इस समय पडोसी देश नेपाल से इटवा कस्बे के कुछ माफिया इस धन्धे को औरतों का सहारा लेकर सुबह से शाम तक काम करवाते है। यह औरतें झोले मे सुपारी, लौंग,इलाइची,भोला गुटका लेकर कुछ किराना के दुकानों पर अपने सेटिंग से देकर चली जाती है।वही छोटी पिकप से नेपाली मटर को लेकर गोदामों में रखकर सुबह भोर में डुमरियागंज से लेकर हल्लौर तक सप्लाई किया जाता है। लेकिन पुलिस को खबर तक नहीं लगपाती है। खुले आम इटवा पुलिस के नाक के नीचे से नेपाल से इटवा दो नम्बर का धंधा किया जाता है। लेकिन पुलिस इनको पकड़ने में असफल है। इस सम्बंध में थाना अध्यक्ष इटवा ने बताया कि ऐसी शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसे है तो जांच कर कार्यवाही किया जायेगा।
इटवा। स्थानीय कस्बे में इन दिनों नेपाली मटर व भोला गुटका से बजार पट गया है।
कस्बे में इन दिनों दो नम्बर माफिया बहुत साक्रिय है। जो 25 कि.ग्रा. के पैकेट के बोरे भरकर दुकानो पर सप्लाई किया जा रहा है। इस समय पडोसी देश नेपाल से इटवा कस्बे के कुछ माफिया इस धन्धे को औरतों का सहारा लेकर सुबह से शाम तक काम करवाते है। यह औरतें झोले मे सुपारी, लौंग,इलाइची,भोला गुटका लेकर कुछ किराना के दुकानों पर अपने सेटिंग से देकर चली जाती है।वही छोटी पिकप से नेपाली मटर को लेकर गोदामों में रखकर सुबह भोर में डुमरियागंज से लेकर हल्लौर तक सप्लाई किया जाता है। लेकिन पुलिस को खबर तक नहीं लगपाती है। खुले आम इटवा पुलिस के नाक के नीचे से नेपाल से इटवा दो नम्बर का धंधा किया जाता है। लेकिन पुलिस इनको पकड़ने में असफल है। इस सम्बंध में थाना अध्यक्ष इटवा ने बताया कि ऐसी शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसे है तो जांच कर कार्यवाही किया जायेगा।


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