रीता उपाध्याय की रिपोर्ट
पीएम मोदी ने एक बार बातों—बातों में 'पकौड़े की दुकान' को स्टार्टअप क्या बताया विपक्ष ने उसे जुमला बना लिया. महीनों तक मोदी की उस बात का मजाक बनाया जाता रहा. लोग इस बयान के विरोध में घर के बाद पकौड़े की दुकान लगाने लगे. पर यह सिलसिला कुछ दिनों में थम गया.
कांग्रेस ने भी पकौड़े की दुकान के व्यवसाय को मजाक में लिया पर उसके एक कार्यकर्ता ने मोदी की बात को गंभीरता से ले लिया. उसने मजाक मजाक में पकौड़े की दुकान शुरू की और आज उसका बिजनेस चल पडा है. अब वह बेरोजगार पकौड़े की दुकान से अच्छी कमाई कर रहा है.
जानकारी के अनुसार पीएम का सुझाव मान नारायण भाई राजपूत ने वडोदरा में पकौड़े का एक स्टॉल लगाया था और आज उनके शहर में पूरे 35 स्टॉल चलते हैं. एनएसयूआई के सदस्य नारायण भाई हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
उन्होंने अपना पहला स्टॉल 'श्रीराम दालवड़ा' लगाया. कुछ ही दिनों में उनका पकौड़ों का धंधा बढ़िया चलने लगा. इसके बाद नारायण भाई ने सिर्फ 10 किलो सामान के साथ पकौड़े बेचना शुरू किया. अब वे रोजाना 500-600 किलो के सामान से पकौड़े बेच रहे हैं.
पीएम मोदी ने एक बार बातों—बातों में 'पकौड़े की दुकान' को स्टार्टअप क्या बताया विपक्ष ने उसे जुमला बना लिया. महीनों तक मोदी की उस बात का मजाक बनाया जाता रहा. लोग इस बयान के विरोध में घर के बाद पकौड़े की दुकान लगाने लगे. पर यह सिलसिला कुछ दिनों में थम गया.
कांग्रेस ने भी पकौड़े की दुकान के व्यवसाय को मजाक में लिया पर उसके एक कार्यकर्ता ने मोदी की बात को गंभीरता से ले लिया. उसने मजाक मजाक में पकौड़े की दुकान शुरू की और आज उसका बिजनेस चल पडा है. अब वह बेरोजगार पकौड़े की दुकान से अच्छी कमाई कर रहा है.
जानकारी के अनुसार पीएम का सुझाव मान नारायण भाई राजपूत ने वडोदरा में पकौड़े का एक स्टॉल लगाया था और आज उनके शहर में पूरे 35 स्टॉल चलते हैं. एनएसयूआई के सदस्य नारायण भाई हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
उन्होंने अपना पहला स्टॉल 'श्रीराम दालवड़ा' लगाया. कुछ ही दिनों में उनका पकौड़ों का धंधा बढ़िया चलने लगा. इसके बाद नारायण भाई ने सिर्फ 10 किलो सामान के साथ पकौड़े बेचना शुरू किया. अब वे रोजाना 500-600 किलो के सामान से पकौड़े बेच रहे हैं.


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