मामला संगीन है पर जुर्म रँगीन है
एक लेक्टर का जलवा देखिए, वो देश भर में कहीं भी हो परंतु उसके रिश्तेदारों में ठसक बराबर रहती है। यहां भरे बाजार में शान से दौड़ रहे एक HONDA SCOOTER पर जब लोगों
की नजर पड़ी तो सभी आश्चर्यचकित रह गए। स्कूटर की नंबर प्लेट पर लिखा था 'कलेक्टर का भाई'। मामला आरटीओ के सामने आया। उन्होंने लखमी सिंह मीणा से पूछताछ की तो वो रौब छाड़ने लगा। आरटीओ उसे श्योपुर कलेक्टर के पास ले गए। लखमी सिंह ने बताया कि वो श्योपुर कलेक्टर नहीं बल्कि राजस्थान में पदस्थ कलेक्टर हर सहाय मीणा का भाई है।
चकआसन गांव में रहने वाले लखमी सिंह मीणा ने अपनी स्कूटी पर नंबर की जगह 'कलेक्टर का भाई' लिखवा रखा था। बीते दिनों वह अपनी इस स्कूटी से बाजार में निकले थे तभी आरटीओ एबी कैबरे की उस पर नजर पड़ गई। उन्होंने जब लखमी सिंह मीणा को रोककर उन्हें गलती का अहसास कराया तो वे भड़क गए। उन्होंने रौब झाड़ते हुए कहा कि उनके भाई कलेक्टर हैं।
इसके बाद आरटीओ लखमी सिंह को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचे। यहां पूछताछ में पता चला कि आरोपी लखमी सिंह मीणा के रिश्ते में लगने वाले भाई राजस्थान के किसी जिले में कलेक्टर हैं। लखमी सिंह ने बचाव में कलेक्टर भाई का विजिटिंग कार्ड भी दिखाया। आरटीओ एबी कैबरे ने उनकी दलीलों को नजरअंदाज करते हुए 500 रुपए का फाइन लगा दिया। साथ ही स्कूटी पर लगे 'कलेक्टर का भाई' वाला प्लेट हटवाया गया।
आरटीओ ने लखमी सिंह मीणा को आगाह किया कि वे आगे से ऐसा न करें। इस मामले में राजस्थान के आईएएस अफसर हर सहाय मीणा से पूछा तो उन्होंने कहा कि लखमी सिंह मीणा से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
एक लेक्टर का जलवा देखिए, वो देश भर में कहीं भी हो परंतु उसके रिश्तेदारों में ठसक बराबर रहती है। यहां भरे बाजार में शान से दौड़ रहे एक HONDA SCOOTER पर जब लोगों
की नजर पड़ी तो सभी आश्चर्यचकित रह गए। स्कूटर की नंबर प्लेट पर लिखा था 'कलेक्टर का भाई'। मामला आरटीओ के सामने आया। उन्होंने लखमी सिंह मीणा से पूछताछ की तो वो रौब छाड़ने लगा। आरटीओ उसे श्योपुर कलेक्टर के पास ले गए। लखमी सिंह ने बताया कि वो श्योपुर कलेक्टर नहीं बल्कि राजस्थान में पदस्थ कलेक्टर हर सहाय मीणा का भाई है।
चकआसन गांव में रहने वाले लखमी सिंह मीणा ने अपनी स्कूटी पर नंबर की जगह 'कलेक्टर का भाई' लिखवा रखा था। बीते दिनों वह अपनी इस स्कूटी से बाजार में निकले थे तभी आरटीओ एबी कैबरे की उस पर नजर पड़ गई। उन्होंने जब लखमी सिंह मीणा को रोककर उन्हें गलती का अहसास कराया तो वे भड़क गए। उन्होंने रौब झाड़ते हुए कहा कि उनके भाई कलेक्टर हैं।
इसके बाद आरटीओ लखमी सिंह को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचे। यहां पूछताछ में पता चला कि आरोपी लखमी सिंह मीणा के रिश्ते में लगने वाले भाई राजस्थान के किसी जिले में कलेक्टर हैं। लखमी सिंह ने बचाव में कलेक्टर भाई का विजिटिंग कार्ड भी दिखाया। आरटीओ एबी कैबरे ने उनकी दलीलों को नजरअंदाज करते हुए 500 रुपए का फाइन लगा दिया। साथ ही स्कूटी पर लगे 'कलेक्टर का भाई' वाला प्लेट हटवाया गया।
आरटीओ ने लखमी सिंह मीणा को आगाह किया कि वे आगे से ऐसा न करें। इस मामले में राजस्थान के आईएएस अफसर हर सहाय मीणा से पूछा तो उन्होंने कहा कि लखमी सिंह मीणा से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।


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