अजय उपाध्याय , खेसरहा - सिद्धार्थनगर
फ़ूलों की खेती से मिल रहा है रोजगार -
जनपद सिद्धार्थनगर के ग्राम पंचायत कठमोरवा में फूलों की खेती रोजगार का एक बड़ा जरिया बन सकती है। लगन के महीने हो या मंदिरों पर चढ़ाना हो फ़ूलों की माँग बनी रहती है । इसके अलावा फ़ूलों की माँग पड़ोसी जनपदों में भी पूरी कर लाखो रुपया कमाया जा रहा है ।
फूलों की खेती को इस क्षेत्र में रोजगार का बड़ा जरिया बनाने की दिशा में किसान प्रेमचन्द ने काम शुरू कर दिया है। उन्होने राज्य एवं केंद्र सरकार से इस खेती को करने के लिये मदद की माँग की है । ताकि रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए यह व्यवसाय स्वरोजगार के नए द्वार खोल सकता है। सरकार फूलों की खेती को रोजगार के जोड़ने के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित की है परन्तु इन्हें इसका लाभ अभी तक नही मिल पाया है ।
प्रेमचंद ने बताया कि इससे न सिर्फ उनका परिवार चल रहा है, बल्कि कई अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। ऐसे किसानों की तलाश की जा रही है, जो अपने साथ ही दूसरों को रोजगार में जोड़ रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारे यहाँ के लोगों को फूलों और हरी सब्जियों के उत्पादन का सहारा है जिससे यहाँ के लोगों की जीविका चल पाती है । अगर सरकार शासन और जनप्रतिनिधि हमारा सहयोग करे तो जिले के नवजवानो को रोजी रोटी के लिये बाहर कमाने जाने की आवश्यकता नही है ।
फ़ूलों की खेती से मिल रहा है रोजगार -
जनपद सिद्धार्थनगर के ग्राम पंचायत कठमोरवा में फूलों की खेती रोजगार का एक बड़ा जरिया बन सकती है। लगन के महीने हो या मंदिरों पर चढ़ाना हो फ़ूलों की माँग बनी रहती है । इसके अलावा फ़ूलों की माँग पड़ोसी जनपदों में भी पूरी कर लाखो रुपया कमाया जा रहा है ।
फूलों की खेती को इस क्षेत्र में रोजगार का बड़ा जरिया बनाने की दिशा में किसान प्रेमचन्द ने काम शुरू कर दिया है। उन्होने राज्य एवं केंद्र सरकार से इस खेती को करने के लिये मदद की माँग की है । ताकि रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए यह व्यवसाय स्वरोजगार के नए द्वार खोल सकता है। सरकार फूलों की खेती को रोजगार के जोड़ने के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित की है परन्तु इन्हें इसका लाभ अभी तक नही मिल पाया है ।
प्रेमचंद ने बताया कि इससे न सिर्फ उनका परिवार चल रहा है, बल्कि कई अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। ऐसे किसानों की तलाश की जा रही है, जो अपने साथ ही दूसरों को रोजगार में जोड़ रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारे यहाँ के लोगों को फूलों और हरी सब्जियों के उत्पादन का सहारा है जिससे यहाँ के लोगों की जीविका चल पाती है । अगर सरकार शासन और जनप्रतिनिधि हमारा सहयोग करे तो जिले के नवजवानो को रोजी रोटी के लिये बाहर कमाने जाने की आवश्यकता नही है ।

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