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Tuesday, May 29, 2018

समीक्षा क्राइम इण्डिया 24news

सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट 
इटवा(सिद्धार्थनगर)। ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले सोमवार 28 मई को इटवा तथा खुनियांव विकास खंडों सहित प्रदेश के सभी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहे और अपने विकास खंड मुख्यालय पर नहीं पहुंचे।
जिससे एक तरफ क्षेत्रीय ग्रामीणों का कामकाज अधूरा रहा वहीं दूसरी तरफ कई विकास खंडों के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को भी आंकड़ें एकत्रित करने में पसीना छूटा।
प्रमुख मांगें-
ज्ञात हो कि अपनी तीन सूत्रीय मांग को लेकर के प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी विगत कई माह से आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में पिछले माह जिला स्तर पर धरना और प्रदेश स्तर पर आयोजित विशाल कार्यक्रम/धरने के अतिरिक्त पिछले 10 दिनों तक समस्त ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हाथ में काली पट्टी बांधकर कार्य करते रहें। उनकी मांग है कि ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की शैक्षणिक योग्यता स्नातक एवं ओ लेवल, ग्रेड पे वेतन 2800 तथा समय अंतर्गत प्रोन्नति मिलनी चाहिए। अपनी मांगों को लेकर सभी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी 28 मई से लेकर 30 मई तक अवकाश पर रहेंगे। सचिवों के अवकाश के पहले दिन ही स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण औंधे मुँह गिरा। साथ ही मनरेगा के आज के मस्टररोल अधिकांश विकास खण्डों में शून्य ही रहे। इस विषय में पूछने पर विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि सभी ग्राम पंचायत सचिवों का अवकाश हेतु पत्रक प्राप्त हुआ है। वह अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
प्रांतीय अध्यक्ष रजनीकांत त्रिवेदी बोले-
दूरभाष पर वार्ता के क्रम में ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के प्रांतीय अध्यक्ष रजनीकांत त्रिवेदी ने बताया कि हम सभी सचिव ग्राम पंचायत तीन सूत्रीय मांग को लेकर अवकाश पर हैं। अवकाश का सीधा मकसद अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना है। अवकाश के उपरांत यदि समस्त ग्राम पंचायत सचिवों की मांग पूरी नहीं होगा तो आगामी 2 जून को समस्त विकास भवन परिसर में सामूहिक उपवास रखा जाएगा तथा इसके बाद प्रांतीय कार्यकरिणी के नेतृत्व में 5 जून से सभी ग्राम पंचायत सचिव आमरण अनशन कर अनिश्चित कालीन अवकाश पर चले जाएंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

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