नेटवर्क न मिलने से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
बढ़नी, सिद्धार्थनगर-
मोबाईल सेवा अब लोगो की जरुरत बन गई है। हर हाथ में मोबाईल नजर आता है। बगैर मोबाईल के कार्यो में परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिजिटल इंडिया, कैसलेस व मोबाईल बैंकिंग को बढावा दे रहे हैं। मगर मोबाईल कंपनियों की मनमानी से मानो मील का पत्थर साबित होता प्रतीत हो रहा है। मोबाईल कंपनियों की मनमानी से उपभोक्ताआें को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चले की बढ़नी कस्बे में स्थित मोबाईल कंपनियो का टावर लगा है। यहां बीएसएनएल,, एयरटेल, की सेवा उपभोक्ताओं को मिल रही है। एयरटेल के कई उपभोक्ता बेहद पुराने है। खासकर गांवों में एयरटेल का नेटवर्क मिलता है। मगर विगत एक सप्ताह से एयरटेल का नेटवर्क बिलकुल ध्वस्त है। बढ़नी क्षेत्र उपभोक्ता इन दिनों एयरटेल की सेवा से परेशान है। काल ड्राप की शिकायत बढ़ गई है। वहीं खराब नेटवर्क के कारण मोबाईल उपभोक्ता ठीक से बात तक नहीं कर पा रहे हैं। कभी-कभी तो काल किसी नेटवर्क पर नहीं लग रहा है।
इनमें मौजूदा हाल में सबसे अधिक उपभोक्ता एयरटेल के हैं और इसी के नेटवर्क में खराबी ने मोबाईल उपभोक्ताओं की नींद हराम कर दी है। करीब एक सप्ताह से मोबाईल उपभोक्ता खराब नेटवर्क का दंश झेल रहे हैं। ठीक से आवाज नहीं आने और काल ड्राप के कारण नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कंपनियां ने 3जी, 4जी जैसी नेटवर्क की सुविधा लगा रखी है। मगर ये सुविधाएं कंपनियों के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियां के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी हैं जिसके कारण सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि टावर को चलाने के लिए जो ईंधन आता है वह ईंधन कर्मचारियों द्वारा बेच दिया जाता है इसलिए यहां का टावर अधिकतर बंद रहता है। तेल के इस खेल में लोगो को काफी असुविधा हो रही है। इसकी कंपनी में शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
उपभोक्ता ग्राम प्रधान बेचन यादव् का कहना है जहां केंद्र सरकार ग्रामीणों को डिजिटल इंडिया, कैसलेस, इंटरनेट के प्रति जागरूक कर रही हैं वहीं इस खराब व्यवस्था के कारण लोगो तक पहुंच नहीं रही। अलोक चतुर्वेदी , रामराज कन्नौजिया , दिलीप आदि ने बताया कि एयरटेल का नेटवर्क खराब चलना बड़ी परेशानी बन गया है। इसी तरह समय समय पर बीएसएनएल के नेटवर्क में भी परेशानी आती है। तीसरा कोई नेटवर्क नही है इस लिए मज़बूरी में झेलना पड़ता है । मोबाईल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं से चार्ज तो पूरा लिया जाता है पर बदले में सेवा में सुधार नहीं किया जा रहा।
बढ़नी, सिद्धार्थनगर-
मोबाईल सेवा अब लोगो की जरुरत बन गई है। हर हाथ में मोबाईल नजर आता है। बगैर मोबाईल के कार्यो में परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिजिटल इंडिया, कैसलेस व मोबाईल बैंकिंग को बढावा दे रहे हैं। मगर मोबाईल कंपनियों की मनमानी से मानो मील का पत्थर साबित होता प्रतीत हो रहा है। मोबाईल कंपनियों की मनमानी से उपभोक्ताआें को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चले की बढ़नी कस्बे में स्थित मोबाईल कंपनियो का टावर लगा है। यहां बीएसएनएल,, एयरटेल, की सेवा उपभोक्ताओं को मिल रही है। एयरटेल के कई उपभोक्ता बेहद पुराने है। खासकर गांवों में एयरटेल का नेटवर्क मिलता है। मगर विगत एक सप्ताह से एयरटेल का नेटवर्क बिलकुल ध्वस्त है। बढ़नी क्षेत्र उपभोक्ता इन दिनों एयरटेल की सेवा से परेशान है। काल ड्राप की शिकायत बढ़ गई है। वहीं खराब नेटवर्क के कारण मोबाईल उपभोक्ता ठीक से बात तक नहीं कर पा रहे हैं। कभी-कभी तो काल किसी नेटवर्क पर नहीं लग रहा है।
इनमें मौजूदा हाल में सबसे अधिक उपभोक्ता एयरटेल के हैं और इसी के नेटवर्क में खराबी ने मोबाईल उपभोक्ताओं की नींद हराम कर दी है। करीब एक सप्ताह से मोबाईल उपभोक्ता खराब नेटवर्क का दंश झेल रहे हैं। ठीक से आवाज नहीं आने और काल ड्राप के कारण नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कंपनियां ने 3जी, 4जी जैसी नेटवर्क की सुविधा लगा रखी है। मगर ये सुविधाएं कंपनियों के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियां के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी हैं जिसके कारण सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि टावर को चलाने के लिए जो ईंधन आता है वह ईंधन कर्मचारियों द्वारा बेच दिया जाता है इसलिए यहां का टावर अधिकतर बंद रहता है। तेल के इस खेल में लोगो को काफी असुविधा हो रही है। इसकी कंपनी में शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
उपभोक्ता ग्राम प्रधान बेचन यादव् का कहना है जहां केंद्र सरकार ग्रामीणों को डिजिटल इंडिया, कैसलेस, इंटरनेट के प्रति जागरूक कर रही हैं वहीं इस खराब व्यवस्था के कारण लोगो तक पहुंच नहीं रही। अलोक चतुर्वेदी , रामराज कन्नौजिया , दिलीप आदि ने बताया कि एयरटेल का नेटवर्क खराब चलना बड़ी परेशानी बन गया है। इसी तरह समय समय पर बीएसएनएल के नेटवर्क में भी परेशानी आती है। तीसरा कोई नेटवर्क नही है इस लिए मज़बूरी में झेलना पड़ता है । मोबाईल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं से चार्ज तो पूरा लिया जाता है पर बदले में सेवा में सुधार नहीं किया जा रहा।


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