- शैलेष सोनकर की रिपोर्ट
- मोदी चीनी मिल के खिलाफ प्रशासन जुटेगा अब कुर्की की कार्रवाई के लिये
चीनी, शीरा व साढ़े पांच हेक्टेयर भूमि हुई कुर्क की कार्यवाही के लिये चिन्हित
गाजियाबाद/मोदीनगर :- मोदी चीनी मिल पर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने पर प्रशासन ने मोदी चीनी मिल एवं उसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक उमेश कुमार मोदी के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां तहसील प्रशासन अब चीनी मिल के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की तैयारी भी शुरू करने जा रहा है,वहीं दूसरी तरफ गन्ना समिति के सचिव ने उमेश कुमार मोदी समेत दो अधिकारियों के खिलाफ धारा 3/7 के अंतर्गत व भुगतान मामले में किसानो के साथ धोखाधडी किये जाने के आरोपो के तहत मोदीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
मोदी चीनी मिल पर किसानों का करीब 222करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। इसके साथ ही किसानों के गन्ना मूल्य पर ब्याज भी देय है। पिछले तीन दिन पूर्व ही गन्ना मिल का पेराई सत्र बंद हुआ है।मिल पर बकाया गन्ना भुगतान को लेकर जहां एक ओर अब जिला प्रशासन ने मिल प्रबंधको पर शिकंजा कसने के लिये पहले मिल मलिक उमेश मोदी व मिल के अधिशासी अधिकारी वेदपाल मलिक दो नो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। उधर,अब जिला प्रशासन वसूली के लिये मोदी चीनी मिल के खिलाफ बकाये को लेकर आरसी जारी करने तथा उसकी एवज में संग्रह शुल्क वसूलने की भी योजना बना रहा है। इसके साथ ही गन्ना समिति को कमीशन भी वसूल करना है। कुल मिलाकर मोदी चीनी मिल से प्रशासन को 222 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली करनी है।
इस वसूली को लेकर गत दो माहों से भाकियू व रालोद पार्टी के नेता तहसील दिवस एवं गन्ना समिति की बोर्ड बैठक में डीएम, एसडीएम एवं जिला गन्ना अधिकारी के समक्ष जमकर हंगामा करते आ रहे थे। जिला प्रशासन ने पेराई सत्र बंद होने के तीन बाद ही शुक्रवार की सांय गन्ना समिति के सचिव अजय प्रताप सिंह ने मोदी चीनी मिल के मलिक उमेश मोदी, अध्याशी अधिकारी वेदपाल मलिक के खिलाफ मोदीनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी।रिपोर्ट दर्ज होते ही मिल प्रबंधको के बीच खलबली मच गयी।
उधर,तहसीलदार उमाकांत तिवारी ने तहसील कर्मियो व राजस्व टीम के माध्यम से मिल का रिकार्ड तलब किया जिसके मुताबिक मिल के गोदामों में स्थित दो लाख 36 हजार क्विंटल चीनी, दो लाख 40हजार क्विंटल शीरा को कुर्क करने की कार्रवाई की योजना बना ली है।करीब गोदाम में इस वक्त66करोड 65लाख रूपये की चीनी है। गन्ना समिति के सचिव की ओर से मिल मलिक सहित दो के खिलाफ मोदीनगर थाने में धारा 3/7 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी रीतू माहेश्वरी की अनुमति के बाद एफआईआर दर्ज करवाई गई।
मिल के अन्य अधिकारियों के नाम पर उहापोह की स्थिति
मोदी चीनी मिल के अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। लेकिन प्रशासन को जानकारी मिली कि अन्य अधिकारियों ने मिल से त्यागपत्र दे दिया है। वह दूसरे विभाग को अब देख रहे है, जिसके बाद उनका नाम शमिल नही किया गया। नाम को लेकर काफी जद्दोजहद के बाद केवल मिल मलिक व अध्याशी के नाम पर निर्णय लिया गया। इससे पूर्व पांच अधिकरियों के नाम रिपोर्ट दर्ज होती थी।
जल्द शुरू होगी नीलामी की कार्रवाई
तहसीलदार उमाकांत तिवारी ने कहा कि मोदी चीनी मिल की चीनी, शीरा व जमीन को प्रशासन ने पहले ही चिन्हिाकंन कर रखा है।कुर्क की कार्यवाही होने के बाद अब जल्द ही नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
मोदी चीनी मिल पर वित्त वर्ष 2017-18 के पेराई सत्र के 222करोड़ रुपए, ब्याज 11.93 करोड़ रुपए एवं पिछले सत्र का 3.51 करोड़ रुपए बकाया है। गन्ना समिति का कमीशन प्रदेश सरकार से लिया जायेगा। – नमिता कश्यप, जिला गन्ना अधिकारी

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