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Saturday, May 26, 2018

समीक्षा क्राइम इण्डिया 24न्यूज़

शैलेष सोनकर 
राजनीति में अब ऐसी कटुता आ गई है कि कोई भी नेता अपने प्रतिद्वंदी नेता को फूटी आंख नहीं सुहाता है।
आलम यह है कि राजनेता धीरे-धीरे भाषा की मर्यादा भूलते जा रहे हैं। दरअसल महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच बढ़ी तल्खी ने राजनीति की सभी मर्यादित भाषा को तार-तार कर दिया है।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अमर्यादित टिप्पणी की। ठाकरे ने कहा कि सीए आदित्यनाथ योगी नहीं एक भोगी हैं। आगे अपने अमर्यादित भाषा को जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि विरार में शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान योगी ने अपना खड़ाऊं नहीं उतारा, इसलिए उन्हें चप्पलों से पीटना चाहिए।
आपको बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि वीर शिवाजी महाराज ईश्वर के प्रतिरूप हैं और योगी आदित्यनाथ ने प्रतिमा के समक्ष जाने से पहले अपने खड़ाऊं को नहीं उतारा। यह दिखाता है कि शिवाजी के प्रति योगी आदित्यनाथ असम्मान की भावना रखते हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी की प्रतिमा के सामने जाने से पहले अपने जूते-चप्पल उतारना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने ऐसा नहीं किया। उनसे और अपेक्षा भी क्या की जा सकती है। ठाकरे ने कहा कि यह शिवाजी का अपमान है। आज के भाजपा के युवा चेहरों के पास हिन्दुत्व के प्रति कोई आदर्श नहीं है।
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने यह बात एक मराठी चैनल के साथ बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में भारतीय जनता पार्टी की युवा पीढ़ी में हिन्दुत्व के आदर्श नहीं झलकते हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि शिवसेना और भाजपा पिछले 25 वर्ष ले सहयोगी हैं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। हां कुछ चीजों को लेकर अफसोस है, क्योंकि आज की भाजपा की युवा पीढ़ी में हिन्दुत्व के प्रति कोई आदर्श नहीं दिखता है। शिवसेना ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि जब से भाजपा केंद्र की सत्ता में आई है तब से अहंकारी हो गई है। उन्होंने कहा कि 28 तारीख को होने वाला पालघर लोकसभा उप चुनाव अहंकार और वफादारी के बीच होगा।

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