शैलेष सोनकर की रिपोर्ट
बीआरडी मेडिकल कालेज में बच्चों की मौत के मामले में आरोपित बाल रोग विशेष डा. कॅफील खान की केरल जाने की कहानी शुक्रवार को पलट गई। बिना अनुमति केरल जाने की बात शासन तक पहुंचने के बाद डॉ. कफील को अपने कदम पीछे खींचने पडे़। हालांकि डा. कफील के भाई का कहना है कि केरल सरकार ने फिलहाल उनके आने पर रोक लगा दी है।डॉ. कफील के भाई अदील खान ने बताया कि शुक्रवार को केरल के सीएम कार्यालय से फोन आया था। बताया गया कि उन्हें फिलहाल तीन दिन नहीं आना है। इस बाबत आगे सूचना दी जाएगी। यह जानकारी मिलने के बाद डॉ. कफील ने अपनी यात्रा निरस्त दी। उनकी फ्लाइट शुक्रवार को दोपहर दो बजे थी। डॉ. कफील ने इसे लेकर विधिक राय भी ली है।
बता दें कि डॉ. कफील ने फेसबुक पर पोस्ट के माध्यम से केरल के मुख्यमंत्री से कालीकट मेडिकल कॉलेज में निपाह वायरस के पीड़ितों के लिए काम करने की इजाजत मांगी थी। पोस्ट के बाद महज छह घंटे में केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने सीएम फेसबुक एकाउंट के माध्यम से कहा था कि राज्य सरकार को बेहद खुशी होगी, अगर डॉ. कफील यहां आकर काम करेंगे। इसी क्रम में डॉ. कफील ने केरल जाने की योजना बनाई थी। जिस पर अभी फिलहाल विराम लग गया है। विधि विशेषज्ञों के मुताबिक डॉ. कफील कर्मचारी आचरण नियमावली और चिकित्सा सेवा नियमावली के दायरे में हैं। ऐसे में वह बिना प्रदेश सरकार की अनुमति के स्वतंत्र रूप से किसी अन्य प्रदेश में सेवा के लिए नहीं जा सकते। ऐसा करने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। डा. कॅफील ने डीजीएमई कार्यालय को एक पत्र देकर इस संबंध में अनुमति भी मांगी थी। यह पत्र शासन को भेज दिया गया था। माना जा रहा है मामला फंसता देख ही डॉ. कफील ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।


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