ककरहवा से चन्द्र केश / सोनू अग्रहरी की रिपोर्ट
मन्दिर के बाहर जमा नालियों का पानी
भारत-नेपाल सीमा के ककरहवा कस्बे में स्थित रामजानकी मन्दिर आज पानी की उपेक्षा का दंश झेल रही है जहाँ लोग अपने घर के सामने पानी इकठ्ठा नहीं होते देखते तो दूसरी तरफ क्षेत्र के जिम्मेदार लोग देखकर भी अन्जान बने बैठे है।जहाँ योगी जी के फरमानों पर फिर रहा पानी और वही क्षेत्र के उच्च से निम्न स्तर के अधिकारी मालामाल होने में जुटे हुए है । ककरहवा कस्बे का एक नजारा हल्की ही बरसात में देखने को मिला।
यह मन्दिर किसी
समय में आस्था का केंद्र हुआ करता था,पर आज वहाँ गंदकी का अम्बार और पानी का जमावड़ा देखकर दर्शन करने वाले लोग अब मन्दिर में जाने के लिये कतरा रहे है।ककरहवा कस्बे के बाजार में स्थित रामजानकी मन्दिर के सामने नालियों का पानी रोड से होकर मन्दिर के गेट के रास्ते भीतर चला जा रहा जहां पानी का जमावड़ा हो जाता और पानी सूखने का नाम ही नहीं लेता।
और वही कस्बेवासी जयप्रकाश गुप्ता, गोरखनाथ कसौधन, रामप्रयाग गुप्ता,अमर जैसवाल,रवि जैसवाल,संनू गुप्ता,विवेक जैसवाल आदि ने प्रशासन से पानी का बहाव निकालने की माँग किए है।
मन्दिर के बाहर जमा नालियों का पानी
भारत-नेपाल सीमा के ककरहवा कस्बे में स्थित रामजानकी मन्दिर आज पानी की उपेक्षा का दंश झेल रही है जहाँ लोग अपने घर के सामने पानी इकठ्ठा नहीं होते देखते तो दूसरी तरफ क्षेत्र के जिम्मेदार लोग देखकर भी अन्जान बने बैठे है।जहाँ योगी जी के फरमानों पर फिर रहा पानी और वही क्षेत्र के उच्च से निम्न स्तर के अधिकारी मालामाल होने में जुटे हुए है । ककरहवा कस्बे का एक नजारा हल्की ही बरसात में देखने को मिला।
यह मन्दिर किसी
समय में आस्था का केंद्र हुआ करता था,पर आज वहाँ गंदकी का अम्बार और पानी का जमावड़ा देखकर दर्शन करने वाले लोग अब मन्दिर में जाने के लिये कतरा रहे है।ककरहवा कस्बे के बाजार में स्थित रामजानकी मन्दिर के सामने नालियों का पानी रोड से होकर मन्दिर के गेट के रास्ते भीतर चला जा रहा जहां पानी का जमावड़ा हो जाता और पानी सूखने का नाम ही नहीं लेता।
और वही कस्बेवासी जयप्रकाश गुप्ता, गोरखनाथ कसौधन, रामप्रयाग गुप्ता,अमर जैसवाल,रवि जैसवाल,संनू गुप्ता,विवेक जैसवाल आदि ने प्रशासन से पानी का बहाव निकालने की माँग किए है।


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