चन्द्रकेश पटेल की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर / ककरहवा- भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र ककरहवा कस्बे में स्थिती पंडित भागीरथी सूर्यनाथ त्रिपाठी इण्टर कॉलेज तिवारीपुरम् ककरहवा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के 95 वें वर्षगांठ पर छात्र-छात्रओं द्वारा निबन्ध प्रतियोगिता के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे कक्षा 6 से 12 तक के छात्र छात्राएं शामिल रहे। इस अवसर पर 43 वीं कंपनी के ककरहवा में तैनात एसएसबी इंस्पेक्टर और स्कूल के प्रबंधक कृष्ण कुमार त्रिपाठी द्वारा प्रथम स्थान,दितीय स्थान व् तृतीय स्थान प्राप्त करने वालो को उचित पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।
और वहीं ककरहवा एसएसबी इंस्पेक्टर के बताया की इस प्रतियोगिता के कार्यक्रमों को विद्यालय परिसर में कराने से सभी छात्र छात्रओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता आएगी जिससे समाज में शिक्षा का महत्व बढ़ेगी।और वहीँ विद्यालय के प्रबंधक कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया की इस कार्यक्रम के माध्यम से हम पूर्व प्रधानमंत्री जी को याद भी कर लेते है और उनके बारे में बच्चों को बताया भी जाता है और प्रधाचार्य को ऐसे कार्यक्रम को वर्ष भर में दो बार कराने को कहे और साथ ही साथ महापुरुषों के जन्मदिन पर ऐसे ही कार्यक्रम किया जाना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापक -अध्यपिकाऐं एवं विद्यालय के सभी छात्र छात्राऐं उपस्थित रहे।
सिद्धार्थनगर / ककरहवा- भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र ककरहवा कस्बे में स्थिती पंडित भागीरथी सूर्यनाथ त्रिपाठी इण्टर कॉलेज तिवारीपुरम् ककरहवा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के 95 वें वर्षगांठ पर छात्र-छात्रओं द्वारा निबन्ध प्रतियोगिता के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे कक्षा 6 से 12 तक के छात्र छात्राएं शामिल रहे। इस अवसर पर 43 वीं कंपनी के ककरहवा में तैनात एसएसबी इंस्पेक्टर और स्कूल के प्रबंधक कृष्ण कुमार त्रिपाठी द्वारा प्रथम स्थान,दितीय स्थान व् तृतीय स्थान प्राप्त करने वालो को उचित पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।
और वहीं ककरहवा एसएसबी इंस्पेक्टर के बताया की इस प्रतियोगिता के कार्यक्रमों को विद्यालय परिसर में कराने से सभी छात्र छात्रओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता आएगी जिससे समाज में शिक्षा का महत्व बढ़ेगी।और वहीँ विद्यालय के प्रबंधक कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया की इस कार्यक्रम के माध्यम से हम पूर्व प्रधानमंत्री जी को याद भी कर लेते है और उनके बारे में बच्चों को बताया भी जाता है और प्रधाचार्य को ऐसे कार्यक्रम को वर्ष भर में दो बार कराने को कहे और साथ ही साथ महापुरुषों के जन्मदिन पर ऐसे ही कार्यक्रम किया जाना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापक -अध्यपिकाऐं एवं विद्यालय के सभी छात्र छात्राऐं उपस्थित रहे।



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