बढ़नी सिद्धार्थनगर
बढ़नी रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिये लफड़ा
मॉडल रेलवे स्टेशन बढ़नी में सुबह के समय 5 बजे से लेकर 8 बजे तक टिकट को लेकर अफरा-तफरी ,धक्का-मुक्की ,और मार-पीट तक की नौबत आ जाती कारण गोरखपुर और लखनऊ की ट्रेनों का समय लगभग कुछ मिनटों के आगे -पीछे है,मुम्बई की ट्रेन भी कुछ घण्टो बाद ही है,हजारो की भीड़ टिकट लेने के लिए शक्ति-परीक्षण कर रही है,मानो रेलवे स्टेशन न होकर विधान सभा या लोकसभा है,केवल एक विंडो से टिकट -वितरण के कारण अराजकता की स्थिति बन जाती है,पुरुष -महिलाएँ लाइन में एक-दूसरे को धकेल रहें हैं,तभी ट्रेन की सीटी की आवाज सुनाई देती है,अब मानो लोगो के अंदर WWE का रेसलर पैदा होने लगा ,जो कमजोर पड़े वो अखाड़ा छोड़ भाग गए,देखा जाएगा अगले स्टेशन पर या चालान कटेगा ओर क्या,एक महीने से ATVM मशीन खराब पड़ी है,जो लोगो के लिए कुछ सहूलियत दे देती थी,भीड़ का बोझ भी कम कर देती थी,लोगो ने कई शिकायतें दर्ज कराई रेलवे स्टेशन की कम्प्लेन बुक में लेकिन अभी तक रेलवे हरकत में नही आया,यात्रियों की पीड़ा से उसे कोई मतलब नही है। दर्जनों लोगो ने बताया की भीड़ का एक कारण ये भी है,कि टिकट खिड़की ट्रेन आने के आधे या पौन घण्टे पहले खोली जाती है,क्यों कि फायदा इसी में है,ये भी एक खेल है,जो अपने फायदे के लिए कर्मचारी खेलते हैं,छुट्टे के नाम पर हजारों की कमाई हो जाती है,अब जनता 5 रु देखे या ट्रेन ,जितनी भीड़ ज्यादा लूटने का मौका भी उससे ज्यादा ।
बढ़नी रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिये लफड़ा
मॉडल रेलवे स्टेशन बढ़नी में सुबह के समय 5 बजे से लेकर 8 बजे तक टिकट को लेकर अफरा-तफरी ,धक्का-मुक्की ,और मार-पीट तक की नौबत आ जाती कारण गोरखपुर और लखनऊ की ट्रेनों का समय लगभग कुछ मिनटों के आगे -पीछे है,मुम्बई की ट्रेन भी कुछ घण्टो बाद ही है,हजारो की भीड़ टिकट लेने के लिए शक्ति-परीक्षण कर रही है,मानो रेलवे स्टेशन न होकर विधान सभा या लोकसभा है,केवल एक विंडो से टिकट -वितरण के कारण अराजकता की स्थिति बन जाती है,पुरुष -महिलाएँ लाइन में एक-दूसरे को धकेल रहें हैं,तभी ट्रेन की सीटी की आवाज सुनाई देती है,अब मानो लोगो के अंदर WWE का रेसलर पैदा होने लगा ,जो कमजोर पड़े वो अखाड़ा छोड़ भाग गए,देखा जाएगा अगले स्टेशन पर या चालान कटेगा ओर क्या,एक महीने से ATVM मशीन खराब पड़ी है,जो लोगो के लिए कुछ सहूलियत दे देती थी,भीड़ का बोझ भी कम कर देती थी,लोगो ने कई शिकायतें दर्ज कराई रेलवे स्टेशन की कम्प्लेन बुक में लेकिन अभी तक रेलवे हरकत में नही आया,यात्रियों की पीड़ा से उसे कोई मतलब नही है। दर्जनों लोगो ने बताया की भीड़ का एक कारण ये भी है,कि टिकट खिड़की ट्रेन आने के आधे या पौन घण्टे पहले खोली जाती है,क्यों कि फायदा इसी में है,ये भी एक खेल है,जो अपने फायदे के लिए कर्मचारी खेलते हैं,छुट्टे के नाम पर हजारों की कमाई हो जाती है,अब जनता 5 रु देखे या ट्रेन ,जितनी भीड़ ज्यादा लूटने का मौका भी उससे ज्यादा ।


No comments:
Post a Comment