सिंगापुर में बोले मोदी, मेरे देश का आम आदमी मेरी प्रेरणा है
पीएम मोदी सिंगापुर दौरे के आखिरी दिन अपना और भारत का जलवा बिखेरने में कामयाब रहे हैं. सिंगापुर का मीडिया मोदी की तारीफ करते नहीं थक रहा है. इस बीच आज वे युवाओं को संबोधित करने के लिए सिंगापुर के नयांग्य तकनीक विश्वविद्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद किया.
एक छात्र के सवाल जवाब में मोदी ने कहा कि तकनीक ने भारत को बहुत आगे पहुंचा दिया है. मैं सेटेलाइट तकनीक की मदद से डाटा प्लान तैयार कर रहा हूं. जिसके हिसाब से पता चल रहा है कि किस क्षेत्र में कितने स्कूल, अस्पताल, पुलिस स्टेशन आदि हैं और कहां इनकी जरूरत है. जहां जरूरत है वहां उनकी पूर्ति कर रहा हूं. जब कोई राजनेता मेरे पास आकर मांग करता है तो मैं उन्हें भी यही मैप दिखाता हूं और कहता हूं कि आपके क्षेत्र में पर्याप्त सुविधाएं हैं मैं देश का पैसा बर्बाद नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के दवाब को कम करने के लिए तकनीक मददगार साबित हो रही है.
इसके बाद एक छात्र ने मोदी से पूछा कि आप इतना काम करते हैं. बिना रूके चलते जाते हैं आखिर कैसे खुद को इस काबिल बनाया है? मोदी ने जब इस सवाल का जवाब दिया तो हॉल में हर कोई मोदी मोदी के नारे लगाने लगा.
पीएम मोदी ने सवाल के जवाब में कहा कि जब मैं अपने देश की सेना के जवान को रेगिस्तान की तपती गर्मी में, बारिश में, बर्फ में घंटो तक खडे होकर देश की सेवा करते देखता हूं, जब मैं मजदूरी करके घर चलाने वाली मां को देखता हूं, जब मैं देखता हूं कि एक पिता अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है तो सोचता हूं कि जब ये इतना कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं? मेरे देश का आम आदमी ही मेरी प्रेरणा है. मैंने साल 2001 से लेकर आज तक कभी कोई अवकाश नहीं लिया है. बिना रूके काम करने के लिए केवल शरीर का ही मजबूत होना जरूरी नहीं है बल्कि मन का सक्रीय होना भी जरूरी है. अपने मोह से जब आप किनारा कर लेते हैं तो हर कठिन निर्णय को लेने की क्षमता विकसित कर लेते हैं।
पीएम मोदी सिंगापुर दौरे के आखिरी दिन अपना और भारत का जलवा बिखेरने में कामयाब रहे हैं. सिंगापुर का मीडिया मोदी की तारीफ करते नहीं थक रहा है. इस बीच आज वे युवाओं को संबोधित करने के लिए सिंगापुर के नयांग्य तकनीक विश्वविद्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद किया.
एक छात्र के सवाल जवाब में मोदी ने कहा कि तकनीक ने भारत को बहुत आगे पहुंचा दिया है. मैं सेटेलाइट तकनीक की मदद से डाटा प्लान तैयार कर रहा हूं. जिसके हिसाब से पता चल रहा है कि किस क्षेत्र में कितने स्कूल, अस्पताल, पुलिस स्टेशन आदि हैं और कहां इनकी जरूरत है. जहां जरूरत है वहां उनकी पूर्ति कर रहा हूं. जब कोई राजनेता मेरे पास आकर मांग करता है तो मैं उन्हें भी यही मैप दिखाता हूं और कहता हूं कि आपके क्षेत्र में पर्याप्त सुविधाएं हैं मैं देश का पैसा बर्बाद नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के दवाब को कम करने के लिए तकनीक मददगार साबित हो रही है.
इसके बाद एक छात्र ने मोदी से पूछा कि आप इतना काम करते हैं. बिना रूके चलते जाते हैं आखिर कैसे खुद को इस काबिल बनाया है? मोदी ने जब इस सवाल का जवाब दिया तो हॉल में हर कोई मोदी मोदी के नारे लगाने लगा.
पीएम मोदी ने सवाल के जवाब में कहा कि जब मैं अपने देश की सेना के जवान को रेगिस्तान की तपती गर्मी में, बारिश में, बर्फ में घंटो तक खडे होकर देश की सेवा करते देखता हूं, जब मैं मजदूरी करके घर चलाने वाली मां को देखता हूं, जब मैं देखता हूं कि एक पिता अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है तो सोचता हूं कि जब ये इतना कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं? मेरे देश का आम आदमी ही मेरी प्रेरणा है. मैंने साल 2001 से लेकर आज तक कभी कोई अवकाश नहीं लिया है. बिना रूके काम करने के लिए केवल शरीर का ही मजबूत होना जरूरी नहीं है बल्कि मन का सक्रीय होना भी जरूरी है. अपने मोह से जब आप किनारा कर लेते हैं तो हर कठिन निर्णय को लेने की क्षमता विकसित कर लेते हैं।


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