हमारे वेब चैनल को खबरें एवं विज्ञापन देने हेतु सम्पर्क करें - 9454274470

LightBlog

Breaking

Tuesday, June 12, 2018

समीक्षा क्राइम इण्डिया 24न्यूज़

सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट 
जल निगम  की लापरवाही से रोजाना बर्बाद हो रहे हैं हजारो लीटर पानी 
इटवा, सिद्धार्थनगर। कहीँ कहीँ लोग बूंद भर पानी को तरसते हैं और कहीँ पानी की हो रही बर्बादी पर लोगों की नज़र तो जाती है लेकिन “मेरा क्या जाता है” सोच कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। ढेबरुआ थाना के कठेला क्षेत्र का भी हाल कुछ ऐसा ही है। यहाँ रोजाना हज़ारों लीटर पानी यूँ ही बर्बाद हो जाता है।सरकार ने प्यास बुझाने के लिए जो व्यवस्था बनाई थी, विलियों में बह कर बर्बाद हो रही है।

बताते चलें कि बंदुआरी में लगे पानी की टंकी से सुबह शाम जब भी पानी छोड़ा जाता है तो उसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना होता है लेकिन सड़क के किनारे बने वाटर डिस्पेंसिंग टैप पर एक भी जगह टोटी न लगा होने से हज़ारों लीटर पानी नालियों में बह जाता है। बंदुआरी से लेकर कठेला तक के बीच कम से कम ऐसे 5 टैप होंगे जो खुले पड़े है और ऐसे ही पानी बर्बाद कर रहे हैं।

यह बर्बादी न तो किसी जलनिगम कर्मी को दिख रही है और न ही किसी नेता को दिख रही है। सिद्धार्थनगर के विकास के लिए कार्यरत युवाओं के समूह समर्पण सेना के प्रमुख राज कमल त्रिपाठी ने बताया कि इसकी शिकायत हमने उत्तर प्रदेश जल निगम से की है जिसकी शिकायत संख्या 090605 है। वहाँ से हमें शीघ्र कार्रवाई  का आश्वासन मिला है।

समर्पण सेना के प्रहरी कृष्ण मोहन दूबे ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि सुबह या शाम के समय में जब भी आप बंदुआरी से कठेला की तरफ बढ़ेंगे तो बंदुआरी, पटना, पण्डित डीह और कठेला चौराहा तक पहुंचते पहुँचते आपको कम से कम पाँच जगह पानी की बर्बादी का यह नजारा दिख जाएगा। अब देखना यह है कि इस बर्बादी को रोकने में जलनिगम को कितना समय लगता है।

No comments: