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Thursday, May 24, 2018

नक्सलियो के निशाने पर मोबाईल टावर

रीता उपाध्याय की रिपोर्ट 
 

 केंद्रीय कैबिनेट ने बुवार को देश के दस नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए 4072 मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी दी है। इसमें सर्वाधिक 1028 टावर सिर्फ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित 16 जिलों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। यह कुल संख्या के 25 फीसदी से कुछ ज्यादा है। छत्तीसगढ़ में इसकी जरूरत भी है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर जैसे जिलों में जंगलों में सुरक्षाबलों के दर्जनों कैंप ऐसे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक के कैंपों, सुकमा जिले के जगरगुंडा इलाके, नारायपुर के अबूझमाड़ सहित बस्तर के जंगलों का अधिकांश हिस्सा ऐसा है जहां जवानों को नेटवर्क की तलाश में पेड़ों और टूटे भवनों की छतों पर चढ़कर घंटों इंतजार करना पड़ता है। यह बड़ी समस्या है। घर परिवार से दूर जंगल में रहकर नक्सलियों से मुकाबले में जुटे जवान मौके पर परिजनों से संपर्क भी नहीं स्थापित कर पाते हैं। इन इलाकों में टावर स्थापित करने का काम पहले से ही चल रहा है। केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी थी।
भारत नेट परियोजना के तहत आठ हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर लाइन बिछाने और मोबाइल टॉवर लगाने का काम अलग-अलग चरणों में शुरू हो चुका है। अब केंद्रीय कैबिनेट की मुहर भी लग गई है। इससे काम में तेजी आने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था में व्यवधान आम बात है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जैसे जिलों में अक्सर बीएसएनएल ठप हो जाता है। राज्य सरकार संचार क्रांति योजना (स्काई) के तहत प्रदेश में 55 लाख स्मार्ट फोन बांटने जा रही है। इतने फोन बढ़ेंगे तो प्रदेश का नेटवर्क जाम हो जाएगा यह बात सरकार भी जानती है।
इसीलिए इस योजना के तहत कंपनी से ढाई हजार मोबाइल टावर खड़ा करने का भी करार किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में इन्फार्मेशन का सुपर हाइवे विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने भारत नेट परियोजना के तहत 1624 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से बस्तर को छोड़ राज्य के दूसरे जिलों में आठ हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा रहा है। वहीं, बस्तर नेट परियोजना के तहत बस्तर में 836 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होते ही राज्य में एक कोने से दूसरे कोने तक ओएफसी का जाल बिछ जाएगा। बस्तर से लेकर उत्तर में सरगुजा संभाग के रामानुजगंज जिले तक हर जगह मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होगा।
बस्तर में नक्सलियों के निशाने पर मोबाइल टावर
नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में नक्सली मोबाइल टावर को निशाना बनाते रहे हैं। 24 मई को भी कांकेर जिले में नक्सलियों ने एक मोबाइल टावर को विस्फोट करके उड़ा दिया। ओएफसी लाइन काटने की घटनाएं भी आम हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बस्तर नेट परियोजना के तहत डबल सर्किट ओएफसी बिछाने का काम शुरू किया है। रेग पद्धति से बिछाई जा रही केबल चार लूप में होगी। इससे अगर एक तरफ से केबल काट भी दिया गया तो भी दूसरी तरफ से नेटवर्क चालू रहेगा।

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