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Sunday, May 13, 2018

आखिर कब गरीबों की साथ देगी खाकी

बेइमानी पर उतारू दबंगों की साथ दे रही पुलिस  
दबंग के कहने पर एक गरीब को खुद की जमीन पर छप्पर रखने से रोक रही है खाकी 

सिद्धार्थनगर के मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के ग्राम खैरा खास  के एक  जमीनी विवाद में बिना न्यायालय के आदेश के वादी को अपने ही जमीन में पुरानी नींव पर छप्पर रखने से रोक दिया गया है । मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार खूब फल फूल रहा है।
 सूत्रों के अनुसार मिट्टी खनन, बालू खनन तथा पेडकटवा से पुलिस को मोटी आमदनी होती है। इसके अलावा जमीनी विवाद में कानून व्यवस्था ताक पर रखकर पैसे वालों से माल खींचने में पीछे नहीं रहती है। यहां तक कि पीडित को पुलिस यह कहकर धमकाती है कि जब चढ़ावा ऊपर तक जाता है तो हमें किसी का डर नहीं है। हम तो अपनी मर्जी से ही काम करेँगे ।
 मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा खास निवासी राम अधीम पुत्र अलगू गाटा संख्या 622/0.1110 हे. में राम अधीम पुत्र अलगू का नींव पडा है। इस पर छप्पर रखा था। छप्पर बारिश के पानी से सड़ कर जर्जर हो गया था। जिस पर राम अधीन दुबारा छप्पर रखना चाहते थे। परन्तु इनके पटीदार शिव कुमार पुत्र हरखू, राम करन पुत्र रामराज, राम पदारथ पुत्र हरखू ने छप्पर रखने से रोकने के लिए थाने पर तहरीर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छप्पर रखने से रोक दिया।

पीड़ित राम अधीन का दुख-

राम अधीन के अनुसार विपक्षीगण का कहना है कि इसी गाटा संख्या 622 में हमको मड़ई रखने दो तब हम छप्पर रखने देंगे। राम अधीन बताते हैं कि यह लोग गाटा संख्या 619 की पैमाइश न करवा कर गाटा संख्या 622 की जमीन कब्जा करने चाहते हैं। यह लोग बडे भूमाफिया हैं। गाटा संख्या 619 में मेरा तीन मण्डी हिस्सा है। इसे भी हड़प कर लिए हैं। इसके साथ पुराने मकान के बटवारे में मुझे पीछे का हिस्सा मिला था। सामने से मुझे रास्ता मिला था। रास्ता में मकान बना कर इस जमीन को कब्जा करना चाहते हैं। इसके अलावा हम प्रार्थी के साथ आमादा फौजदारी हैं। हम इनके जोर जबरदस्ती से बहुत डरे सहमें हैं।

पीड़ित ने उपजिला अधिकारी व थाना अध्यक्ष को दिया प्रार्थना पत्र-

 पीडित ने गत 17 मार्च 2018 में मिश्रौलिया थाने पर एक प्रार्थना पत्र थाना दिवस में दिया। जिसमें  हल्का लेखपाल से रिपोट मांग कर इतिश्री कर ली गयी। इसके बाद पीडित ने 23 मार्च 2018 को उपजिला अधिकारी इटवा को दिया। जिसमें थाना अध्यक्ष मिश्रौलिया तथा हल्का लेखपाल को प्रकरण की जांच कर प्रभावी न्यायोचित कार्यवाही करने तथा मौके पर शान्ति व्यवस्था कायम करने का आदेश दिया गया। इसके बाद मिश्रौलिया पुलिस उल्टे पीड़ित  के साथ न्याय करने के बजाय विपक्षियों से मोटी रकम लेकर उल्टे उसको अपने ही जमीन में छप्प रखने से रोक दिया। ऐसे में पीड़ित बरसात से पहले रहने की व्यवस्था नही करेगा तो बच्चे कहाँ जायेंगे ?
इस सम्बंध में उपजिला अधिकारी इटवा एम. जुबेर बेग से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दोबारा इसकी जांच तहसीलदार से करायी जायेगी। और न्यायउचित k

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