शैलेष सोनकर रिपोर्टर , सिद्धार्थनगर -
एनजीओ और लोगों की मदद से अग्निपीडित अनाथ लड़की की शादी सम्पन्न
जनपद सिद्धार्थनगर के ग्राम भूपतजोत में ननिहाल में पली- बढी़ अनाथ लड़की की शादी एक एनजीओ द्वारा की गई मदद से नियत तिथि 28 अप्रैल को धूम- धाम से सम्पन्न हो गई। 15 अप्रैल को गांव में लगी आग में शादी के तैयारी हेतु रखा सारा सामान जल कर राख हो गया। जिससे शादी की तिथि टालने की नौबत आ गयी। उसी दौरान जानकारी पर अग्निपीडितों की मदद में गांव में पंहुची एनजीओ टीम के सदस्यों ने देवदूत की भांति शादी में होने वाले खर्चे का जिम्मा ले लिया, जिससे शादी की तिथि टालने की नौबत समाप्त हो गई। विदित हो कि खेसरहा थाना अन्तर्गत ग्राम भूपतजोत के दलित बस्ती में 15अप्रैल को अज्ञात कारणों से लगी आग में दलित टोले के लगभग एक दर्जन रिहायशी फूस के मकान जलकर खाक हो गये थे।अगलगी के चपेट में आये लगभग 9परिवार वालों के पास शरीर पर धारण वस्त्रों के अतिरिक्त कुछ भी नहीं बचा था। इन्हीं परिवारों में राम वेलास के घर 17 अप्रैल व कल्पनाथ के घर 28 अप्रैल को लडकियों की शादी थी।शादी की तैयारियां भी लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार लगभग पूरी कर चुके थे। कि आफत के रुप में आयी आग की लपटों ने घरों के साथ दोनों बेटियों के अरमानों को भी जला कर खाक कर दिया। मौके पर पहुंचेसाहित्यिक सामाजिक,सांस्कृतिक संस्थान वन विभाग कालोनी तेतरी बाजार के पदाधिकारियों ने पाया कि पीडितों में कल्पनाथ की स्थित काफी दयनीय है।वह अपनी लड़की की लड़की राधिका की शादी की तैयारी लगभग पूरी कर चुके थे।जो आग की भेंट चढ़ गया ।अचानक हुई इस घटना से राधिका ही नहीं उसके नाना कल्पनाथ,श्रीराम,व रामप्रसाद सहित उसके मामा-विश्राम भारती, दीपक कुमार, वीरेन्द्र कुमार, नीरज व बबलू आदि बुरी तरह टूट चुके थे। क्योंकि गरीबी का मार झेल रहा यह परिवार राधिका की शादी का येन- केन सारा बन्दोबस्त कर चुका था। बिन मां- बाप की बेटी की शादी को अपनी जिम्मेदारी मान कर पूरा कुनबा पूरे उत्साह से लगा हुआ था। कि अचानक हुए हादसे ने सबके उत्साह पर पानी फेर दिया। परिजनों को लगा की शादी की तिथि अगले वर्ष के लिए टालनी पड़ेगी. पर भला हो संस्था के लोगों का जिन्होंने समय पर आकर जायजा लिया, कि शादी के लिए किन-किन सामानों की आवश्यकता है और शादी के 1 दिन पहले ही संस्था के लोगों ने अलमारी, पंखा, प्रेस, सिलाई मशीन, पांच साड़ी सहित बर्तन खाद्यान्न व अन्य गृहोपयोगी वस्तुएं तमाम ग्रामीणों की मौजूदगी में राधिका को प्रदान किया। संस्था द्वारा दी गई मदद पाकर राधिका भाऊ को गई, उसे खुशी के आंसू निकल आए। संस्था के सचिव धीरज गुप्ता ने राधिका को ढाढस बंधाते हुए शादी की अग्रिम शुभकामनाएं दिया और कहा कि इंसानियत के रिश्ते से हम सदैव तुम्हारे साथ हैं संस्थान के इस कार्य के सहयोगी रहे चंद्र भूषण मिश्रा अनुराग गोयल दीपेंद्र मणि त्रिपाठी कमलेश दुबे विक्रमादित्य भारत गणेश मिश्र दिनेश पटवा प्रमोद मिश्र व सत्यनारायण मौर्य के प्रति संस्था के मीडिया प्रभारी अमित दुबे ने आभार प्रकट किया । उस दौरान राधिका के नाना कल्पनाथ ने बताया कि राधिका के मां-बाप की मृत्यु उसके बचपन में ही 10 वर्ष पूर्व एक मार्ग दुर्घटना में हो गई थी तब से राधिका वह उसके छोटे भाई की परिवरिश वही कर रहे हैं कल्पना अथवा उनके परिजन सहित ग्रामीणों ने भी संस्था द्वारा किए गए इस पुनीत कार्य की बारंबार सराहना कर रहे हैं ।


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