सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट
संयुक्त जिलचिकित्सीय व्यवस्था अब भी नही सुधरी
अस्पताल में अधिकतर उपकरण खराब
मरीजों को जाँच के लिये बाहर जाना पड़ता है अब भी
सिद्धार्थनगर जिले में भले ही प्रदेश सरकार संयुक्त जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात कह रही हो, पर सच यह है अधिकांश आवश्यक जांचे यहां नहीं हो पा रही हैं। हाल यह है कि पिछले कुछ दिनों से एक्स-रे मशीन खराब है। ओपीडी के सभी कक्षों में मौजूद ब्लड प्रेशर मापने की मशीन भी गड़बड़ है। थायराइड, विटामिन, पीटीआई एनआर, हृदय से संबंधित ईसीजी समेत कई जांचों के मरीजों को अब भी बाहर जाना पड़ता है। स्टॉफ की कमी के कारण पिछले छह माह पूर्व आई डिजीटल एक्स-रे से एक्स-रे शुरू नहीं हो सका। अल्ट्रासाउंड भी सप्ताह में बुधवार व शुक्रवार को ही होता है। ऐेसे गंभीर रोग से ग्रस्त मरीजों को बाहर का रुख करना पड़ा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का क्या हाल है और माननीय बेहतर सुविधाएं दिलाने का दावा करते हैं।
ओपीडी कक्षों में बीपी मशीनों बनी शोपीस : जिला अस्पताल के सभी 15 ओपीडी कक्षों में बीपी मशीन रखीं हैं। पर, ये खराब हैं। ऐसे में ये महज शोपीस बनकर रह गई हैं। सामान्यतया उम्रदराज लोगों के उपचार से पूर्व चिकित्सक उनका बीपी अवश्य जांचते हैं, पर यहां यह सुविधा न होने से बिना बीपी जांच ही उपचार किया जा रहा है। यह शायद अपने आप में इकलौता जिला अस्पताल होगा, जहां मरीजों को इलाज से पहले बीपी नापने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह बात अलग है कि इमरजेंसी में यह सुविधा आपको अवश्य ही मिल जाएगी।
नहीं जांचा गया बीपी
बांसी तहसील क्षेत्र के सकारपार निवासी 55 वर्षीय राधेश्याम का कहना है कि चिकित्सक से इलाज कराने के लिए आए थे। बिना ब्लड प्रेशर नापे ही दवा लिख दी गई। पूछने पर डॉक्टर ने कहा कि मशीन खराब है। इसी प्रकार जगदीशपुर ग्राम पंचायत की 35 वर्षीय बासमती और मधुकरपुर निवासी 35 वर्षीय मेवा लाल को भी बिना बीपी मापे ही दवा दी गई। ने बताया कि चिकित्सक से इलाज के लिए आई थी। ब्लड प्रेशर नहीं नापा गया।
संयुक्त जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष में बीपी मशीन खराब होने का मामला संज्ञान में नहीं है। इस बारे में छानबीन कराकर जल्द व्यवस्था सुधारी जाएगी। वहीं एक्स-रे मशीन को भी जल्द ठीक करा लिया जाएगा।
डा. रोचस्मति पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
एक्स-रे मशीन दो दिन से खराब है। इस कारण 60 से अधिक मरीजों को लौटाना पड़ा। इसकी सूचना वरिष्ठों को दे दी गई। उम्मीद है जल्द इसमें सुधार हो जाएगा।
– डॉ. राजीव रंजन, रेडियोलॉजिस्ट
प्रतिदिन पहुंच रहे 900 से अधिक मरीज
संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगभग 900 के पार है। ओपीडी कक्ष में हर चिकित्सकों के पास भारी भरकम भीड़ लगी रहती है। पर्ची काउंटर पर सुबह 9 बजे से भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। यह सिलसिला दोपहर एक बजे तक लगा रहता है।
संयुक्त जिलचिकित्सीय व्यवस्था अब भी नही सुधरी
अस्पताल में अधिकतर उपकरण खराब
मरीजों को जाँच के लिये बाहर जाना पड़ता है अब भी
सिद्धार्थनगर जिले में भले ही प्रदेश सरकार संयुक्त जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात कह रही हो, पर सच यह है अधिकांश आवश्यक जांचे यहां नहीं हो पा रही हैं। हाल यह है कि पिछले कुछ दिनों से एक्स-रे मशीन खराब है। ओपीडी के सभी कक्षों में मौजूद ब्लड प्रेशर मापने की मशीन भी गड़बड़ है। थायराइड, विटामिन, पीटीआई एनआर, हृदय से संबंधित ईसीजी समेत कई जांचों के मरीजों को अब भी बाहर जाना पड़ता है। स्टॉफ की कमी के कारण पिछले छह माह पूर्व आई डिजीटल एक्स-रे से एक्स-रे शुरू नहीं हो सका। अल्ट्रासाउंड भी सप्ताह में बुधवार व शुक्रवार को ही होता है। ऐेसे गंभीर रोग से ग्रस्त मरीजों को बाहर का रुख करना पड़ा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का क्या हाल है और माननीय बेहतर सुविधाएं दिलाने का दावा करते हैं।
ओपीडी कक्षों में बीपी मशीनों बनी शोपीस : जिला अस्पताल के सभी 15 ओपीडी कक्षों में बीपी मशीन रखीं हैं। पर, ये खराब हैं। ऐसे में ये महज शोपीस बनकर रह गई हैं। सामान्यतया उम्रदराज लोगों के उपचार से पूर्व चिकित्सक उनका बीपी अवश्य जांचते हैं, पर यहां यह सुविधा न होने से बिना बीपी जांच ही उपचार किया जा रहा है। यह शायद अपने आप में इकलौता जिला अस्पताल होगा, जहां मरीजों को इलाज से पहले बीपी नापने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह बात अलग है कि इमरजेंसी में यह सुविधा आपको अवश्य ही मिल जाएगी।
नहीं जांचा गया बीपी
बांसी तहसील क्षेत्र के सकारपार निवासी 55 वर्षीय राधेश्याम का कहना है कि चिकित्सक से इलाज कराने के लिए आए थे। बिना ब्लड प्रेशर नापे ही दवा लिख दी गई। पूछने पर डॉक्टर ने कहा कि मशीन खराब है। इसी प्रकार जगदीशपुर ग्राम पंचायत की 35 वर्षीय बासमती और मधुकरपुर निवासी 35 वर्षीय मेवा लाल को भी बिना बीपी मापे ही दवा दी गई। ने बताया कि चिकित्सक से इलाज के लिए आई थी। ब्लड प्रेशर नहीं नापा गया।
संयुक्त जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष में बीपी मशीन खराब होने का मामला संज्ञान में नहीं है। इस बारे में छानबीन कराकर जल्द व्यवस्था सुधारी जाएगी। वहीं एक्स-रे मशीन को भी जल्द ठीक करा लिया जाएगा।
डा. रोचस्मति पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
एक्स-रे मशीन दो दिन से खराब है। इस कारण 60 से अधिक मरीजों को लौटाना पड़ा। इसकी सूचना वरिष्ठों को दे दी गई। उम्मीद है जल्द इसमें सुधार हो जाएगा।
– डॉ. राजीव रंजन, रेडियोलॉजिस्ट
प्रतिदिन पहुंच रहे 900 से अधिक मरीज
संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगभग 900 के पार है। ओपीडी कक्ष में हर चिकित्सकों के पास भारी भरकम भीड़ लगी रहती है। पर्ची काउंटर पर सुबह 9 बजे से भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। यह सिलसिला दोपहर एक बजे तक लगा रहता है।


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