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Friday, May 25, 2018

समीक्षा क्राइम इण्डिया 24न्यूज़

सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट 
स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आवासों पर कर्मियों के नाते-रिश्तेदारों द्वारा कब्जा करने का मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने अपने नाम पर क्वार्टर एलाट करवाकर उन्हें अपने रिश्तेदारों को रहने के लिए दे दिया है। मौका मुआयना के बाद यह मामला सामने आया है।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए सीएमएचओ कार्यालय के पीछे और पांच बिल्डिंग में सरकारी आवास बनाए गए हैं। इन आवासों को सालों पहले विभाग के कर्मचारियों ने एलाट करवा लिए हैं। कुछ साल तक रहने के बाद उन्हें अपने नाते-रिश्तेदारों को रहने के लिए दे दिया। अब ये कई साल से सरकारी आवास का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा जर्जर आवासों को डिस्मेंटल करने का प्लान बनाया गया है और उसकी जगह तीन मंजिला नए क्वार्टर बनाने हैं। इसलिए इन आवासों का मौका मुआयना करवाया गया।
24 क्वार्टरों पर दूसरों का कब्जा
मुआयना के दौरान यह बात सामने आई है कि पांच ब्लिडिंग और सीएमएचओ कार्यालय के पीछे सरकारी क्वार्टर में 24 लोगों का कब्जा है। पूछताछ करने पर पता चला कि रहने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही नहीं है। वहीं छह लोग विभाग में संविदा पर काम कर रहे हैं। नियम के हिसाब से संविदा कर्मचारियों को क्वार्टर एलाट नहीं करना है। क्वार्टर केवल नियमित कर्मचारियों के लिए हैं।
बिजली पानी की पूरी सुविधा
सरकारी आवासों में बिजली पानी की पूरी सुविधा है। सूत्र बताते हैं कि विभागीय कर्मचारी ने इन लोगों से मोटी रकम के रूप में किराया भी वसूल रहे हैं। इन आवासों को एलाट कराने वाले सर्वाधिक कर्मचारी स्वयं का मकान बना लिए हैं या फिर नए क्वार्टरों में रहते हैं।
डिस्मेंटल करने की बारी आई तब जागा विभाग
पांच बिल्डिंग और सीएमएचओ कार्यालय के पीछे के सरकारी आवास 40 साल से भी ज्यादा पुराने हो चुके हैं। इसलिए प्रशासन उन्हें डिस्मेंटल करना चाहता है। यहां कोई आठ साल से रह रहा है तो कोई पांच साल से। उसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने तब सुध नहीं ली। अब जब डिस्मेंटल करने की बारी आई है तब विभाग जागा है।

खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
मुआयना के बाद जिन आवासों में दूसरे लोगों का कब्जा है वह किस कर्मचारी के नाम पर है इसका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। क्योंकि विभाग सीधे तौर पर कब्जेदारों पर कार्रवाई नहीं कर सकता। जिन कर्मचारियों के नाम पर क्वार्टर एलाट है, उन्हे नोटिस भेजा जाएगा और यह कहा जाएगा कि वे क्वार्टर खाली करवा दें। उसके बाद भी कर्मचारियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई तो कब्जेदारों के नाम से सूची बनाकर उन्हें बेदखल करने की कार्रवाई होगी।

इधर दस कर्मचारी मांग रहे क्वार्टर

पिछले दिनों पहले स्वास्थ्य विभाग ने जर्जर क्वार्टर में रहने वाले दस नियमित कर्मचारियों को नोटिस थमाकर हटने के लिए कहा है। बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने जनदर्शन में कलेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल से शिकायत की है। उनकी मांग है कि पांच बिल्डिंग या अस्पताल परिसर में बने विभाग के नए आवास एलाट किया जाए।
नोटिस जारी कर रहे
सरकारी आवास का मुआयना करने के दौरान जानकारी सामने आई है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने रिश्तेदार या परिचितों को क्वार्टर रहने के लिए दिया हुआ है। ये क्वार्टर जिन कर्मचारियों के नाम है, उन्हें नोटिस जारी कर रहे हैं। उसके बाद भी क्वार्टर खाली नहीं हुआ तो कलेक्टर की अनुमति से बेदखली कार्रवाई करेंगे।

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