सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील क्षेत्र में कोटेदारों के काला बजारी मे अंकुश लगना बौना सावित हो रहा। एक तरफ सरकार का दावा है कि कोई भी लाभार्थी राशनकाड से छुटने न पाऐ जिसके लिए सरकार भरपूर खाद्यान मुहिया करवाती है।लेकिन यहां तो विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से खाद्यान उठाने के बाद रास्ते में ही बेच दिया जाता है ऐसा ही एक ताजा मामला तहसील क्षेत्र के जिगना का आया है बीते शुक्रवार को कोटेदार राजबहादुर ने राशन उठाने के बाद लगभग 70 कुन्टल राशन इटवा के एक व्यापारी के हाथ बेच दिया था।जिसकी जानकारी राशन कार्ड धारकों हो और अपना गल्ला मांगने लगे गल्ला ना मिलने से राशनकार्ड धारकों ने विभाग मे कर दी जाचं उपरांत के दौराना मामला सही पाया गया।इस संबंध में पूर्ति निरक्षक राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि गलत पाऐ जाने पर कोटेदार को सस्पेंड कर दिया गया है।कार्यवाही चल रही हैं।
Sunday, July 29, 2018
विभागीय मिली भगत से कोटेदारो की काला बजारी पर नहीं लग पा रहा अंकुश
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